Sarhad

Poetry

सरहद पार गए ये परिंदे

सरहद पार गए येपरिंदे जानेअनजाने से, कुछ नादान से यकीन नहींआया उनको की एक दिन मतलूब हासिल होगा कामयाबी की लहर गुंज उठेगी लपेट लेगी अपनेहोशोहवाज़ में| जानेअनजाने, चल पड़ेउस ओर ना थी दुश्मनी, ना था शोर बस निकल लिए घर छोड़के भटकतेहुए चल पड़ेउस ओर| आसमान मेंगुंजी जीत की लहर उसी लहर नेएक बार […]

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